Bhola Ganja Ke Mare Lyrics in Hindi (भोला गांजा के मारे)
Bhola Ganja Ke Mare Bhajan Ka (Introduction)
"भोला गांजा के मारे" भगवान शिव के अघोर और औघड़ रूप पर आधारित एक बहुत ही प्रसिद्ध बुंदेली/लोक शिव भजन है, जिसे रवि डेहरिया और मिंडू सिंह ने गाया है। इस गीत में भोलेनाथ के अलौकिक वेशभूषा, चिलम-भांग के प्रति उनके प्रेम और उनके गणों (नंदी, भूत-प्रेत) के साथ उनके अनूठे स्वभाव का मनोरंजक चित्रण किया गया है। माता गौरा और भक्त किस प्रकार शिव जी को अपनी सुध-बुध में लाने का प्रयास करते हैं, इसका लोक शैली में बहुत ही सुंदर बखान इस भजन में किया गया है। सावन के महीने और महाशिवरात्रि के अवसरों पर यह भजन श्रद्धालुओं के बीच बहुत पसंद किया जाता है।
Bhajan Ka Bhavarth (Meaning in Hindi)
- शिव का अघोर स्वरूप: भजन में बताया गया है कि भोलेनाथ अपने अघोर रूप में मगन होकर सुबह-शाम चिलम और भांग के आनंद में डूबे रहते हैं। पूरे शरीर पर भस्म रमाए उनका यह रूप अत्यंत मनमोहक प्रतीत होता है।
- नंदी और शिव-गणों का साथ: शिव जी के परम सेवक नंदी जी भांग-गांजा तैयार करने में लगे रहते हैं, वहीं शिव जी डमरू बजाकर अपने साथ भूत-प्रेतों और गणों को नचाते हैं।
- गौरा मैया की चिंता: माता पार्वती और सभी भक्त शिव जी को इस बेसुध अवस्था से बाहर लाने का प्रयास करते हैं, लेकिन भोलेनाथ तो अपनी ही मस्तमौला भक्ति और साधना के रंग में रमे रहते हैं।
भोला गांजा के मारे भजन के बोल (Lyrics) हिन्दी में
भोला गांजा के मारे, गांजा के मारे,खींच रहे चिलम जे सांझ सकारे, (२)
भोला गांजा के मारे, गांजा के मारे,
खींच रहे चिलम जे सांझ सकारे, (२)
सब मना के हारे रे, जो भोला बिल्कुल न माने रे, (२)
भोला गांजा के मारे, गांजा के मारे,
खींच रहे चिलम जे सांझ सकारे, (२)
भस्म रमाए भोला लग रहे प्यारे,
गांजा रगड़ रहे नंदी बेचारे,
भस्म रमाए भोला लग रहे प्यारे,
गांजा रगड़ रहे नंदी बेचारे,
संग भंगिया भी माँगे रे, जो भोला बिल्कुल न माने रे, (२)
गौरा मना मना हारे, मना मना हारे,
खींच रहे चिलम जे सांझ सकारे,
भोला गांजा के मारे, गांजा के मारे,
खींच रहे चिलम जे सांझ सकारे,
खींचे चिलम भोला डमरू बजा रए,
संग में भूत पलीत नाचा रए,
खींचे चिलम भोला डमरू बजा रए,
संग में भूत पलीत नाचा रए,
भोला सुध बुद हारे रे जो भोला बिल्कुल न माने रे, (२)
ऐसे भोला हमारे, भोला हमारे,
खींच रहे चिलम जे सांझ सकारे,
भोला गांजा के मारे, गांजा के मारे,
खींच रहे चिलम जे सांझ सकारे, (२)
सब मना के हारे रे, जो भोला बिल्कुल न माने रे, (२)
भोला गांजा के मारे, गांजा के मारे,
खींच रहे चिलम जे सांझ सकारे, (२)
Bhola Ganja Ke Mare Details and Credits
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| Song Title | Bhola Ganja Ke Mare |
| Singer | Ravi Dehriya & Mindu Singh |
| Lyricist / Composer | Mindu Singh |
| Music Director | Mindu Singh |
| Category | Shiv Bhajan / Gondi Special |
| Language | Hindi / Gondi |