पंडा करन लगो गुणगान लिरिक्स
पंडा करन लगो रे गुणगान,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,(२)
पंडा करन लगो रे गुणगान,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,
नौ दिन की नो रातें आई,
जग में खुशियाँ छाई रे पंडा,
शेर सवारी करके आ गई,
मेरी दुर्गा माई रे पंडा,
हो पंडा भर रहो मीठी मुस्कान,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,
माता की मढ़ीया में रे पंडा,
वो दाय हरे जवारे रे पंडा,
सांझ सकारे करे आरती,
लगा लगा जयकारे रे पंडा,
ओ माँ के चरणों में धर लओ ध्यान,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,
मैहर की माँ शारदा सुमिरू,
कलकत्ता की काली रे पंडा,
माँ ज्वाला को सुमिरण करके,
सुमिरो कटरा वाली रे पंडा,
हो मैया कर दैयो सब को कल्याण,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,
पंडा करन लगो रे गुणगान,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,(२)
पंडा करन लगो रे गुणगान,
मढ़ीया में आ गई जगदंबा,
Panda Karan Lago Gungan Details and Credits
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| Song Title | Panda Karan Lago Gungan (पंडा करन लगो गुणगान) |
| Singer | Radhika Yaduwanshi |
| Lyricist | Ravi Yuvnati Ji |
| Category | Devi Bhajan / Navratri Devotional |
| Language | Hindi |