ओ पापी मन करले भजन लिरिक्स
ओ पापी मन करले भजन,
बाद में प्यारे पछताएगा,
जब पिंजरे से पँछी निकल जाएगा
क्यों करता तू मेरा मेरा, न कुछ तेरा न कुछ मेरा,
खाली हाथ आया है, खाली हाथ जाएगा,
जैसा किया कर्म तूने वैसा ही फल पाएगा,
बाद में प्यारे पछताएगा,
जब पिंजरे से पँछी निकल जाएगा
भरी जवानी जी भर के सोया,
आया बुढ़ापा तो देख के रोया,
प्रभु की नज़र से तू बच नहीं पाएगा,
आएगा बुढ़ापा तो थर थर कापेगा,
बाद में प्यारे पछताएगा,
जब पिंजरे से पँछी निकल जाएगा
पाया मनुष्य तन फिर क्यों रोया,
मोह माया के मध में तू क्यों सोया,
पाया है मनुष्य तन प्रभु के गुण गाए जा,
अपने हृदय को प्रभु भक्ति में लगाए जा,
बाद में प्यारे पछताएगा,
जब पिंजरे से पँछी निकल जाएगा
ओ पापी मन करले भजन,
बाद में प्यारे पछताएगा,
जब पिंजरे से पँछी निकल जाएगा
O Papi Man Karle Bhajan Details and Credits
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| Song Title | O Papi Man Kar Le Bhajan (ओ पापी मन कर ले भजन) |
| Singer | श्री अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज |
| Lyricist | |
| Category | Chetavni Bhajan / Nirgun Devotional |
| Language | Hindi |