Shiv Jogiya Gaura Ke Piya Lyrics in Hindi (शिव जोगिया गौरा के पिया)
Shiv Jogiya Gaura Ke Piya Bhajan Ka (Introduction)
"शिव जोगिया गौरा के पिया" एक बेहद प्यारा और भावुक पारंपरिक शिव भजन है। इस गीत में भक्त अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ के मनमोहक और अलौकिक जोगिया रूप के प्रति अपना अनन्य प्रेम व्यक्त करता है। इसमें शिव जी के विभिन्न चिह्नों — जैसे डमरू, जटा में गंगा, माथे पर चंद्रमा, गले में सर्प और नंदी की सवारी — का बहुत ही सरल और सुरीले ढंग से बखान किया गया है। महाशिवरात्रि, सावन के सोमवार और शिव संकीर्तन में यह भजन विशेष रूप से श्रद्धालुओं द्वारा गाया जाता है।
Bhajan Ka Bhavarth (Meaning in Hindi)
भोलेनाथ का अलौकिक आकर्षण: भजन में भक्त कहता है कि शिव जी के डमरू की मधुर ध्वनि और उनके जोगी रूप ने उसका हृदय मोह लिया है।
दिव्य स्वरूप का वर्णन: शिव जी के माथे पर सुशोभित चंद्रमा, जटाओं से बहती पावन गंगा और गले में विराजे सर्प का दर्शन करते ही भक्त का मन भक्ति-रस में डूब जाता है।
सहज भक्ति और समर्पण: शरीर पर भस्म रमाए और नंदी पर सवार होकर जब भोलेनाथ दर्शन देते हैं, तो भक्त सहज ही अपना सब कुछ उनके चरणों में समर्पित कर देता है।
शिव जोगिया गौरा के पिया भजन के बोल (Lyrics) हिन्दी में
शिव जोगिया गौरा के पिया,तूने डमरू बजा के मेरा दिल ले लिया,
माथे में चंदा है, जटा में गंगा है,
हो तूने गंगा बहा के मेरा दिल ले लिया,
शिव जोगिया गौरा के पिया,
तूने डमरू बजा के मेरा दिल ले लिया,
कानों में कुण्डल है, गले में सर्प है,
हो तूने सर्प देखा के मेरा दिल ले लिया,
शिव जोगिया गौरा के पिया,
तूने डमरू बजा के मेरा दिल ले लिया,
हाथों में डमरू है, अंग भभूति है,
हो तूने भस्मी रमा के मेरा दिल ले लिया,
शिव जोगिया गौरा के पिया,
तूने डमरू बजा के मेरा दिल ले लिया,
पाँवों में घुँघरू है, नन्दी की सवारी है,
हो तूने नन्दी देखा के मेरा दिल ले लिया,
शिव जोगिया गौरा के पिया,
तूने डमरू बजा के मेरा दिल ले लिया,
Shiv Jogiya Gaura Ke Piya Details and Credits
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| Song Title | Shiv Jogiya Gora Ke Piya (शिव जोगिया गोरा के पिया) |
| Singer | — |
| Lyricist | Traditional (पारंपरिक) |
| Music Director | — |
| Category | Shiv Bhajan / Devotional (शिव भजन / भक्ति गीत) |
| Language | Hindi (हिंदी) |