सावन का महीना रिमझिम बरसे पानी लिरिक्स
सावन का महीना रिमझिम बरसे पानी,
कोरस - सावन का महीना रिमझिम बरसे पानी,
अरे आया है खाटू से चलकर शीश का दानी,
कोरस - आया है खाटू से चलकर शीश का दानी,
भक्तो ने इसे बुलाया, ये प्रेम देख के आया,
कोरस - भक्तो ने इसे बुलाया, ये प्रेम देख के आया,
बैठा बैठा मुस्काए, हमें झाला देके बुलाए,
कोरस - बैठा बैठा मुस्काए, हमें झाला देके बुलाए,
ये कहता है, की डोर हिलाओ तुम,
मुझको तो झुलाओ तुम,
कोरस - ये कहता है, की डोर हिलाओ तुम,
मुझको तो झुलाओ तुम,
गिरधर मेरे मौसम आया, (२)
धरती के श्रृंगार का,
डाल डाल पर पड़ गए झूले,(२)
बरसे रंग बाहर का,
मस्ती में बैठा है बड़ा मज़ा है आता,
कोरस - मस्ती में बैठा है बड़ा मज़ा है आता,
कभी कभी झूले में खुद ही जोर लगता,
कोरस - कभी कभी झूले में खुद ही जोर लगता,
ये उचक उचक कर झूले,
लगता है छत को छूले,
ये उचक उचक कर झूले,
लगता है छत को छूले,
बैठा बैठा मुस्काए, हमें झाला देके बुलाए,
कोरस - बैठा बैठा मुस्काए, हमें झाला देके बुलाए,
ये कहता है, की डोर हिलाओ तुम,
मुझको तो झुलाओ तुम,
कोरस - ये कहता है, की डोर हिलाओ तुम,
मुझको तो झुलाओ तुम,
Sawan Ka Mahina Rimjhim Barse Pani Details and Credits
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| Song Title | Sawan Ka Mahina Rimjhim Barse Pani |
| Singer | Kanika Grover |
| Category | Khatu Shyam Bhajan / Devotional |
| Language | Hindi |