Ye Kanwar Hai Baba Mahakal Ki Lyrics in Hindi (ये कांवड़ है बाबा महाकाल की)
Ye Kawad Hai Baba Mahakal Ki Bhajan Ke Baare Mein (Introduction)
"ये कांवड़ है बाबा महाकाल की" सत्यार्थ वर्मा द्वारा गाया गया एक अत्यंत भक्तिमय और प्रेरणादायक शिव-कांवड़ भजन है। इस गीत में सावन के महीने में उज्जैन के बाबा महाकाल के दर्शनों के लिए निकलने वाले कांवड़ियों के अटूट विश्वास, त्याग और कठिन भक्ति यात्रा का चित्रण किया गया है। कांवड़िये भूखे-प्यासे रहकर, पैरों में छाले पड़ने और धूप-बरसात की परवाह किए बिना केवल "हर-हर महादेव" के जयकारों के साथ पवित्र गंगाजल लेकर बाबा महाकाल के दरबार की ओर बढ़ते हैं। सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान यह भजन शिव भक्तों के बीच बहुत उत्साह से सुना जाता है।
Bhajan Ka Bhavarth (Meaning in Hindi)
- कांवड़ यात्रा का संकल्प और त्याग: भजन में बताया गया है कि कांवड़ यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भक्त के तप, त्याग और निष्ठा का प्रतीक है। कांवड़िये रास्ते की सभी कठिन परिस्थितियों और शारीरिक कष्टों को हँसते-हँसते सहन कर लेते हैं।
- अटूट भक्ति व उत्साह: भगवा वस्त्र, त्रिपुण्ड, रुद्राक्ष की माला और हाथ में भगवा ध्वज लिए भक्त पूरे रास्ते शिव नाम और राम नाम का संकीर्तन करते हुए मग्न होकर आगे बढ़ते हैं।
- महाकाल की असीम कृपा: भक्त अपने कंधों पर पवित्र गंगाजल उठाकर बाबा महाकाल के शीश पर चढ़ाने का संकल्प लेते हैं और प्रार्थना करते हैं कि महाकाल उन्हें भक्ति का दान देकर जीवन के सभी कष्टों से पार लगाएं।
ये कांवड़ है मेरे बाबा महाकाल की भजन के बोल (Lyrics) हिन्दी में
उज्जैन के महाकाल की कांवरिया प्यारे लाल की,
ये कांवड़ है मेरे बाबा महाकाल की,
कावड़ में गंगा जल भर कर,
दिवानों की टोली निकलती है, (२)
पैरों में छाले पड़ते है, (२)
दीवाने कहाँ ही थकते है,
ये कांवड़ है मेरे, बाबा महाकाल की,
कावड़ में भोले का बंदन,
कावड़ में पावन है दर्शन,
कावड़ में तप और त्याग है (२)
कावड़ ही शिव अनुराग है,
ये कांवड़ है भोले, बाबा महाकाल की,
घाट किनारें, भोर सवेरे,
बोले कांवरिया भोले नाथ,
इस कांवड़ में भीड़ बड़ी है,
फिर भी रहे न कोई अनाथ,
धूप पड़े या वर्षा आए,
हस कर सबकुछ सहते जाये,
भूखे प्यासे रहकर भी ये,
नाम तेरा ही जपते जाये,
उज्जैन के महाकाल की, कांवरिया प्यारे लाल की,
ये कांवड़ है मेरे, बाबा महाकाल की,
कांधे में कांवड़ भोले की,
तेरे दर आने को भटकते है, (२)
ठोकर खाकर जितना गिरते, (२)
उतना ही ऊपर उठते है
ये कांवड़ है भोले, बाबा महाकाल की,
कांवड़ की महिमा न्यारी है,
भोले की यही सवारी है, (२)
कावड़ वाले भक्तों पर, (२)
ये महिमा है सरकार की,
ये कांवड़ है भोले, बाबा महाकाल की,
त्रिपुण्ड धरे रुद्राक्ष की माला,
वैराग्य की अनुपम यही पहचान,
भगवा ध्वज नव में लहराए,
गूंजे रुद्र मंत्र का ज्ञान,
राम नाम ही साथ में गूंजे,
नाचें बजरंगी हनुमान,
भोले नाथ के रंग में रंग कर,
निकले कांवरिया, भक्त जवान,
उज्जैन के महाकाल की कांवरिया प्यारे लाल की,
ये कावड़ है मेरे, बाबा महाकाल की,
हर हर बम बम गूँज रहा,
शिव भक्तों पर बलिहारी है, (२)
कावड़ कांधे पर आते ही, (२)
हर मुश्किल खुद ही हारी है,
ये कांवड़ है भोले, बाबा महाकाल की,
भूखे प्यासे हम रहकर भी,
हम नाम तेरा ही जपते है, (२)
तेरी भक्ति के रंग मे ही बाबा, (२)
हम दिन रात मचलते है,
ये कांवड़ है भोले, बाबा महाकाल की,
कैलाश पति के दिव्य द्वार में,
अर्पित तन मन मेरे प्राण,
सेवक समर्पण त्याग तपस्या,
हर पग वन जाये अनुष्ठान,
अपना सब कुछ अर्पण करके,
गाऊं भोले तेरा गान,
गंगा जल तेरे शीश चढ़ाए,
भर दो बाबा भक्ति का दान,
उज्जैन के महाकाल की कांवरिया प्यारे लाल की,
ये कांवड़ है मेरे, बाबा महाकाल की,
Ye Kanwar Hai Baba Mahakal Ki Video Song
Ye Kanwar Hai Baba Mahakal Ki Details and Credits
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| Song Title | Ye Kawad Hai Baba Mahakal Ki (ये कांवड़ है बाबा महाकाल की) |
| Singer | Satyarth Verma (सत्यार्थ वर्मा) |
| Lyricist | Karan Vishwakarma (करण विश्वकर्मा) |
| Music Director | Vashu Bhaiya Ji (वासु भैया जी) |
| Category | Shiv Bhajan / Kawad Bhajan / Devotional (शिव भजन / कांवड़ भजन / भक्ति गीत) |
| Language | Hindi (हिंदी) |